बड़बिल में ईद-ए-मीलाद उन-नबी का 1501वां पर्व शांतिपूर्ण जुलूस के साथ मनाया गया, सिख व हिंदू समाज के गणमान्य नागरिकों ने दिखाई भाईचारे की मिसाल
इस आयोजन की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि इसमें सिर्फ मुस्लिम समाज के लोग ही शामिल नहीं हुए, बल्कि अन्य धर्मों, विशेष रूप से सिख भाइयों और हिंदू भाइयों के गणमान्य नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और इस पर्व को सफल बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। जुलूस के दौरान सिख समुदाय के प्रमुख सदस्यों ने अपने पारंपरिक स्वरूप में शिरकत की, जबकि हिंदू समाज के लोगों ने भी अपनी उपस्थिति से इस पर्व को और भी खास बना दिया। सभी धर्मों के लोगों ने एक साथ चलते हुए भाईचारे और सामाजिक सौहार्द की अनूठी मिसाल पेश की, जो बड़बिल की गंगा-जमुनी तहजीब का प्रतीक है।
अन्य धर्मों के गणमान्य नागरिकों की इस सहभागिता ने साबित कर दिया कि बड़बिल में हर धर्म के लोग आपसी प्रेम और भाईचारे के साथ रहते हैं। यह आयोजन न केवल धार्मिक उत्सव था, बल्कि सामाजिक एकता और राष्ट्रीय अखंडता को मजबूत करने का एक सशक्त माध्यम भी साबित हुआ। बड़बिल में हर वर्ष की तरह इस बार भी ईद-ए-मीलाद उन-नबी का 1501वां पर्व पूरे धार्मिक उत्साह और आपसी भाईचारे के साथ मनाया गया, जिसने पूरे क्षेत्र में एकता और सद्भाव का संदेश दिया।
रिपोर्ट: मो. नदीम अली


