सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, बोलानी में मातृ सम्मेलन का आयोजन
बोलानी, 20 जुलाई: बोलानी स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर विद्यालय में शिशु वाटिका विभाग के बच्चों की माताओं के लिए एक विशेष मातृ-सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य माताओं को बाल शिक्षा में उनकी भूमिका के प्रति जागरूक करना तथा भारतीय शिक्षा की मूल अवधारणा से अवगत कराना था।
कार्यक्रम में 35 अभिभावकों ने सहभागिता की। विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री गणेश्वर गिरी ने माताओं को संबोधित करते हुए भारतीय शिक्षा की मूल अवधारणा, बाल शिक्षा से जुड़ी प्रचलित भ्रांतियों तथा उनके समाधान पर अपने महत्वपूर्ण विचार प्रस्तुत किए।श्री गिरी ने बताया कि भारतीय बाल शिक्षा कैसी होनी चाहिए तथा बच्चों को संस्कारवान, आध्यात्मिक चिंतन से युक्त, सद्गुणों से परिपूर्ण एवं राष्ट्र निर्माण के योग्य नागरिक बनाने में माताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि माता ही बच्चे की प्रथम शिक्षिका होती है, और उसके संस्कार ही बच्चे के व्यक्तित्व की नींव रखते हैं।
उन्होंने माताओं को अपने बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु प्रेरित किया तथा बताया कि केवल शैक्षणिक उन्नति ही नहीं, बल्कि नैतिक, आध्यात्मिक और सामाजिक विकास भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने माताओं से आग्रह किया कि वे बच्चों को भारतीय संस्कृति, परंपराओं और नैतिक मूल्यों से जोड़े रखें।इस अवसर पर शिशु वाटिका विभाग के सभी शिक्षक एवं शिक्षिकाएं उपस्थित रहकर कार्यक्रम को सफल बनाया। विद्यालय परिवार ने सभी अभिभावकों का आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में भी इस प्रकार के आयोजनों की निरंतरता का आश्वासन दिया।
रिपोर्ट – संजय सिन्हा
THE BBN POST

