ओडिशा बंद 8 अक्टूबर: MMDR कानून वापसी और CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, INDIA गठबंधन का ऐलान
दी बीबीएन पोस्ट (डेस्क) बड़बिल [ रिपोर्ट: पूर्वा सतीश पवार ] - ओडिशा में एक बड़ी राजनीतिक टकराव की स्थिति बन रही है, क्योंकि विपक्षी INDIA गठबंधन ने बुधवार, 8 अक्टूबर, 2026 को सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक पूरे राज्य में 12 घंटे के 'ओडिशा बंद' का ऐलान किया है। ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (OPCC), CPI(M), CPI तथा अन्य क्षेत्रीय घटक दलों के समर्थन से बुलाए गए इस संयुक्त बंद का ऐलान भुवनेश्वर में ओडिशा विधानसभा के बाहर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई हिंसक झड़पों के बाद किया गया है। विपक्षी गठबंधन ने चार प्रमुख मांगों का चार्टर जारी किया है—पहला, खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026 की धारा 9D को निरस्त करना, जिसे विपक्ष ओडिशा की वित्तीय संप्रभुता पर सीधा हमला बता रहा है; दूसरा, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का तत्काल इस्तीफा, जिसके लिए द इंडियन एक्सप्रेस की उस जांच रिपोर्ट का हवाला दिया जा रहा है जिसमें दो चुनाव आयुक्तों द्वारा दर्ज 14 लिखित आपत्तियों और SIR के दौरान 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए जाने का खुलासा हुआ था; तीसरा, स्कूल एवं जनशिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड का इस्तीफा, जिन पर शिक्षा क्षेत्र में प्रशासनिक अराजकता, पाठ्यपुस्तकों में देरी और नीतिगत कुप्रबंधन के आरोप हैं; और चौथा, हाल की मानसूनी बाढ़ से प्रभावित तटीय तथा भीतरी जिलों के किसानों और ग्रामीण परिवारों को तत्काल मुआवजा एवं राहत पैकेज। भुवनेश्वर में एक विशाल रैली को संबोधित करते हुए ओपीसीसी अध्यक्ष भक्त चरण दास और CPI(M) राज्य सचिव सुरेश पाणिग्राही ने कहा कि ओडिशा का अपने खनिज भंडार पर प्राथमिक संवैधानिक अधिकार है और केंद्र सरकार कॉरपोरेट खदान मालिकों को लाभ पहुंचाने के लिए राज्य के राजस्व अधिकार नहीं छीन सकती।
बंद के मद्देनजर ओडिशा पुलिस और जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम शुरू कर दिए हैं, क्योंकि इससे प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों और खनन कॉरिडोर—विशेष रूप से केन्दुझर-बड़बिल खनन बेल्ट की लौह अयस्क ढुलाई लाइनों—पर वाहनों की आवाजाही ठप होने का खतरा है। बंद के दौरान यात्री बसें, मालवाहक वाहन, ऑटो-रिक्शा, स्कूल-कॉलेज, परीक्षा केंद्र, बाजार और निजी प्रतिष्ठान प्रभावित हो सकते हैं, जबकि अस्पताल, एम्बुलेंस, दूध वितरण, जलापूर्ति और अग्निशमन सेवाओं जैसी आवश्यक सेवाओं को बंद के दायरे से मुक्त रखा गया है। इस बीच, बीजू जनता दल (BJD) के अध्यक्ष नवीन पटनायक ने अलग से ओडिशा के खनिज अधिकारों की रक्षा के लिए एक संयुक्त राजनीतिक मोर्चा बनाने की अपील की है, जो केंद्रीय कराधान केंद्रीकरण के खिलाफ व्यापक क्षेत्रीय विरोध का संकेत है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात करने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि बंद के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।THE BBN POST – Hunt Fearlessly. Strike Mercilessly.
